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वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित कड़ा यानि कि भैरव कड़ा जो हर तरह की बीमारियों के सामने रक्षण देता हे मसान की खतरनाक शक्तियों के सामने और बुरी आत्मा के सामने रक्षण करता हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट करके मंगवा सकता हे

तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास।

क्योंकि बिना नियम का पालन किए हुए कोई भी देवी या देवता प्रसन्न नहीं होते हैं, इसलिए अगर किसी साधक को किसी भी प्रकार की सिद्धि करनी है तो उसे पूरी विधि विधान से मंत्र जाप और अपनी साधना विधि करनी चाहिए तभी उसे अपनी साधना में सफलता मिलेगी.

क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.

 

हिंदू धर्म में वर्णित मंत्रों के इस्तेमाल के द्वारा एक सिद्ध तांत्रिक चाहे तो किसी भी व्यक्ति को गायब कर सकता है या फिर किसी भी व्यक्ति को अन्य रूप में परिवर्तित कर सकता है. इसके अलावा एक सिद्ध तांत्रिक मरी हुई आत्माओं से बात भी कर सकता है, हालांकि किसी भी प्रकार की सिद्धि को करने के लिए नियम और कुछ विधि बनी हुई होती है और जो साधक साधना को करने के लिए नियमों का पालन करता है उसकी ही सिद्धि होती है.

हिंदू धर्म के पहले दुनिया में ना तो कोई धर्म था ना ही कोई मजहब था

ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें click here चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः

ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।

साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें। 

शाबर मंत्र साधना : शक्तिशाली सिद्ध शाबर मंत्र

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